बड़े बड़े कई देव देखे,
महलों में जो पूजे जाए।
कथा पुरानी कहता जिनकी ,
पंडित आज भी हर घर में जाए।
बड़े प्रसन्न होते तो भैया;
राकस को भी देते वरदान,
आज समाज भी देख रहा है;
आज भी राकस हुए बलवान|
जरूरतमंद मज़दूर बिचारे ;
सड़क किनारे मारे जाए;
बड़े अभागे फिर भी देखो;
प्रभु कृपा ना उनपे आए,
देव सराहे राकस को की,
वाह करम क्या खूब कमाएँ ।
थोडा और तांडव हो तब तो;
देव अवतार ले आए,
कलयुग में तो भगवन भी भैया,
इतनी जल्दी कैसे आए।
पर यदि काम में जल्दी हो तो;
दान पात्र का वज़न बढ़ाएँ।
कलयुग में तो भगवन भी भैया,
इतनी जल्दी कैसे आए।
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